शीर्षकगीता और क़ुरआनउपशीर्षकदोनों का सार एक ही सत्य है — शब्द अलग हैं AGYAT AGYANI- VEDANTA 2.0 LIFE विषय सूची भूमिका— यह ग्रंथ नहीं, यह संकेत हैअध्याय 1 : शून्य का धर्म — ईश्वर का कोई चेहरा नहींनिराकार का अर्थईश्वर क्यों व्यक्ति नहीं हो सकताचेहरे से सत्य का पतनअध्याय 2 : सार और व्याख्या — मूल और पत्तों का भ्रमजड़ क्या है, व्याख्या क्या हैव्याख्या कब हिंसा बनती हैसार के बिना धर्म का अर्थअध्याय 3 : नियम का जन्म — और धर्म की मृत्युनिराकार के नियम क्यों असत्य हैंआदेश, डर और सत्तानियम कैसे पाखंड बनते हैंअध्याय 4 : करना नहीं, समझना