लाल इश्क - 2

'शास्त्री निवास' तक का वह रास्ता किसी लो-बजट हॉरर फिल्म के पैनिक अटैक जैसा था। बाहर धुंधली नियॉन लाइट्स और गाड़ियों के जहरीले धुएं का शोर था। आरंभी कंपनी की सेडान की पिछली सीट पर किसी कैदी की तरह बैठी थी। उसकी नज़रें बार-बार 'रियरव्यू मिरर' की डिजिटल स्क्रीन पर लॉक हो जातीं। उसे लग रहा था जैसे कोई काली परछाईं उसका पीछा कर रही है। जब भी कोई स्पोर्ट्स बाइक कान फाड़ देने वाले शोर के साथ पास से गुजरती, आरंभी का सांस लेना मुश्किल हो जाता। उस 'कातिल' का चेहरा उसके दिमाग में एक 4K रिज़ॉल्यूशन की तस्वीर