धीरे-धीरे Sneha की आँखों में नींद उतर आई।सुबह जब उसकी नींद खुली, तो उसने देखा कि उसके बिस्तर पर खून के दाग लगे हुए थे।रात भर जो सवाल उसके मन में घूमते रहे थे, सुबह उठते ही फिर सामने खड़े हो गए।उसने चुपचाप अपनी चादर उठाई और उसे धोने के लिए ले गई। अपने कपड़े भी साथ में धोए… और फिर खुद को संभालने के लिए नहा ली।माँ ने जो कपड़ा दिया था, उसे उसने अच्छे से धोया और सबकी नज़रों से बचाकर सुखा दिया।अभी उसे सब कुछ पूरी तरह समझ नहीं आया था… लेकिन एक ही दिन में जो