तब संगीता बोली यह नहीं हो सकता निशा तुम समझो लोग क्या कहेंगे समाज क्या कहेगा,,,,,तब निशा बोली क्यों नहीं हो सकता क्या तुम्हें अपनी जिंदगी खुलकर जीने का कोई अधिकार नहीं है क्या एक तलाक के बाद एक औरत की जिंदगी खत्म हो जाती है जो गलती तुमने की ही नहीं उसकी सजा तुम भुगत रही हो,,,,,हमारा यह समाज दोगला है यह हर हाल में एक औरत को ही दोषी ठहरा था है, इस समाज के डर से ना जाने कितनी औरतें घुट घुट कर अपना जीवन बिता देती है,,,,,,यह वह समाज है जो मुसीबत में हमारा साथ नहीं