श्रापित एक प्रेम कहानी - 46

एकांश कहता है--->" नहीं वर्षाली ये जानते हूए भी के इस मणि मे तुम्हारी सारी शक्ति हैं मे इसे नहीं ले सकता। तुम्हें तुम्हारी शक्तियों की जरुरत है ।इतना बोलकर एकांश वो मणि वर्शाली को दे देता है। वर्शाली मणि को लेकर फिर से वही मंत्र बोलती है और मणि देखते ही देखते गायब हो जाती है। वर्शाली मन ही मन सौचती है के लोग इस शक्ति को प्राप्त करने के लिए क्या क्या कार्य करते हैं और एक एकांश जी जिन्हे इन सब चीजों की कोई लालसा नही हैं। वर्शाली कहती हैं-->" एकांश आपको पता है आप इस मणि से