छह महीने बाद हरिद्वार सेंट्रल जेल की दीवारें सफेद हैं, लेकिन मुझे हमेशा लगता है कि वो खून के छींटों से सनी हुई हैं। शायद ये मेरे दिमाग का खेल है। या शायद ये सच है, और इन दीवारों ने इतने अपराधियों को देखा है कि उनकी यादें यहाँ चिपक गई हैं। मैं यहाँ पिछले छह महीने से हूँ। हत्या के आरोप में। विक्रांत सिन्हा की हत्या। मायरा गायब है। उस रात जब पुलिस आई थी, वो धुएँ की तरह हवा में घुल गई थी। मैं वहाँ खड़ा था, उसकी दी हुई डायरी हाथ में, और कोई सफाई नहीं थी।