त्रिशा... - 33

उस भयावाह रात के बाद जब अगली बार जब त्रिशा की आंख खुली तो उसने खुद को अपने बिस्तर पर चादर में लिपटा पाया। उसकी आंख जैसे ही खुली तो उसने महसूस किया कि उसका पूरा शरीर इस समय दर्द से टूट रहा है। त्रिशा ने करवट लेनी चाही पर पूरे शरीर में एक अकड़न सी महसूस की।  वह दर्द से कराह उठी पर तभी उसने महसूस किया कि जैसे कोई हल्के हल्के गर्म पानी से उसके शरीर की सिकाई कर रहा हो। और उस सिकाई के कारण उसे काफी राहत मिली और उस राहत के पाते ही फिर एक