सौदे का सिन्दूर - भाग 6

सौदे की ढाल, स्वाभिमान की तलवारहृदय का वह पेचीदा सचतभी डॉक्टर राउंड पर आए और कमरे का भारीपन भांपते हुए माहौल को थोड़ा हल्का किया।"सुमित्रा जी, आप वाकई खुशकिस्मत हैं। सही वक्त पर सही इलाज मिल गया, वरना देरी जानलेवा हो सकती थी।"फिर डॉक्टर आर्यन की तरफ मुड़े, "मिस्टर राठौर, अगर आपके पास वक्त हो तो मैं आपको सर्जरी की बारीकियां और आगे बरती जाने वाली सावधानियां समझा देता हूँ।"आर्यन ने सहमति से सिर हिलाया। डॉक्टर ने अपनी फाइल खोलते हुए समझाना शुरू किया, "देखिये, इनके दिल का वाल्व काफी हद तक डैमेज हो चुका था। आसान शब्दों में कहें