त्रिशा... - 32

राजन का मन जैसे कर रहा था वो वैसे त्रिशा को इधर उधर धक्का दे रहा था। उसे मार रहा था। उसे कोस रहा था। उसके और उसके परिवार के लिए अपशब्द कह रहा था और त्रिशा बस अपनी आंखों से आंसू बहाएं जा रही थी। त्रिशा के साथ इतना सब करने के बाद भी जब उसका मन ना भरा तो वो बोला, " अब तुझे समझ में आया न कि क्या क्या गलतियां थी तेरी तो आगे से अब इनमें से कुछ भी दोबारा मत करना और अब जमीन पर क्या पड़ी है उठ चल अब पत्नी होने का