एपिसोड 7 — "शापित भविष्यवाणी और छलावा ग्रह"युद्ध के मैदान में 'कार्य' की बातें सुनकर सिया के पैरों तले जमीन खिसक चुकी थी। वह आंधी की तरह वहां से मुड़ा और सीधे अपने नाना, सुप्रीम यास्किन के पास पहुंचा।सिया ने गुस्से में यास्किन का कॉलर पकड़ते हुए पूछा, "आपने झूठ क्यों बोला नाना जी? आपने कहा था मेरे माता-पिता मर चुके हैं! लेकिन वे ज़िंदा हैं... वे कैद हैं! आपने मुझे अनाथ बनाकर क्यों रखा?"सुप्रीम यास्किन की आँखों में हैरानी और दर्द दोनों थे। उन्होंने सिया के हाथ को धीरे से हटाया और कहा, "सिया, मेरी आँखों में देखो। लायरा