अन्तर्निहित - 33

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[33]गहन सांस लेकर वह बोली, “यह गांधी का देश है। मेरी बात सुनकर तुम्हें बूरा लग सकता है। संभव है तुम मुझ से घृणा करोगे। मुझे छोड़कर चले जाओगे। अत: अब मैं मौन हो जाती हूँ।”“आप निश्चिंत होकर कहिए। मैं विचलित नहीं होऊँगा।” शैल ने सारा को आश्वस्त किया। “तभी एक नर वीर ने शस्त्र उठाया। महात्मा को मार दिया”“वह आतंकवादी नाथुराम गोडसे था। देश का प्रथम आतंकवादी।”“शैल, तुम भी भ्रमित हो गए? वीर पुरुष को आतंकवादी कहना तुम्हारे देश का स्वभाव बन गया है।”“सुना तो यही है कि नथुराम गोडसे आतंकवादी था।”“वह आतंकवादी नहीं, वीर था। उससे बढ़कर विरपुरुष उस