एक छोटे से शहर में एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाला कॉलेज का छात्र आरव था, जिसके सपने बड़े थे लेकिन हालात सीमित थे, उसके पिता एक छोटी सी दुकान चलाते थे और माँ घर संभालती थीं, पैसों की कमी के बावजूद आरव पढ़ाई में मेहनत करता था क्योंकि उसे यकीन था कि शिक्षा ही उसकी तक़दीर बदल सकती है।उसी कॉलेज में पढ़ने वाली अनाया एक समझदार, संवेदनशील और आत्मसम्मान से भरी लड़की थी, जिसने बचपन से ही संघर्ष देखा था, माँ जल्दी गुजर गई थीं और पिता की तबीयत अक्सर खराब रहती थी, इसलिए अनाया ने कम उम्र