मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 8: शिकार

जख्खड़ को ढूँढने निकली फ़ौज व्यवस्थित थी। सबसे आगे पुलिस बल—करीब पचास जवान, सुरक्षा वेस्ट पहने, हाथों में भारी टॉर्च। उनके पीछे धीरे-धीरे रेंगती पुलिस की जीपें। उनसे कुछ दूरी पर पुलिस की एक और टुकड़ी—लगभग सौ की संख्या में। उसके पीछे पशुपति बाबू और ठाकुर के करीब दो सौ हथियारबंद आदमी। सबसे पीछे, एक भारी गाड़ी में—ठाकुर धुरंधर सिंह, पशुपति बाबू, करण और हीरा। उन्हें ज़रा भी इल्म नहीं था कि जख्खड़ पहले से फील्डिंग लगाकर बैठा है। फ़ौज जंगल को कवर करती हुई पत्थर की खदान के पास पहुँची ही थी कि एक पुलिस वाले का पैर ज़मीन