Apisode -1)बारिश हो रही थी काव्य कॉलेज के बाहर खड़ी थी️, गाड़ी खराब हो गई थी !तभी आरव नें पुरानी साइकिल रोक !"अगर बुरा ना मानो....तो मैं छोड़ दूं ? " आराम ने धीरे से पूछा ! काव्या ने पहली बार किसी अनजान पर भरोसा किया! वे मुस्कुराई.... और उसी मुस्कान ने अरब की जिंदगी बदल दी ! उसे दिन किसी ने नहीं सोचा था कि ये मुलाकात 🫂 एक लंबे दर्द की शुरुआत हैApisode-2) नजदीकियां कॉलेज में मुलाकात बढ़ने लगी!