"क्या कहा रे तूने???????? अब तू मुझे बताएगी कि मुझे क्या बोलना है और क्या नहीं बोलना ??????" "मेरी मर्जी, मेरा मन, मेरा मुंह, मैं चाहे जो बोलूं और चाहे जिसे बोलूं!!!!!! तू होती कौन है मुझे रोकने वाली!!!!!!!!"" अभी आए एक दिन भी हुआ नहीं सही से और तू मुझे समझने में लगी है कि मैं क्या बोलूं और क्या नहीं!!!!!!!" राजन शराब के नशे में बड़बड़ाता रहा। "देखिए, आपने बहुत शराब पी रखी है इसलिए आप यह सब बोल रहे है और आप खाना खा लिजिए और वैसे भी मैं आपसे बहस नहीं करना चाहती। कम से कम आज के दिन