वन के घने अंधकार में, जहां सूरज की किरणें भी मुश्किल से छनकर आती थीं, पांडवों का वनवास अपने चरम पर पहुंच चुका था। बारह वर्ष की कठिन यात्रा के बाद, वे अब अज्ञातवास की तैयारी में थे। युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव—ये पांच भाई अपनी पत्नी द्रौपदी के साथ जंगल की गहराइयों में भटक रहे थे। प्यास से व्याकुल, वे एक सरोवर की तलाश में थे। अचानक, नकुल की नजर एक चमकते हुए जलाशय पर पड़ी। "भैया, देखो! वहां पानी है!" नकुल उत्साहित होकर बोला और दौड़कर सरोवर की ओर गया।लेकिन जैसे ही नकुल ने पानी पीने के