(सुबह।)(कौशिक आईने के सामने खड़ा है। आँखों पर चश्मा।)कौशिक (थोड़ा असहज होकर) बोला - सुनीति… सच कहूँ तोमुझे इसमें बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा।सुनीति (समझाते हुए) बोली - आज पहली बार ऑफिस जा रहे हैं शादी के बाद।थोड़ा एडजस्ट कर लीजिए… प्लीज़।(कौशिक गहरी साँस लेकर हामी भर देता है।)(ऑफिस के केबिन में कौशिक कंप्यूटर पर काम कर रहा है।)(स्क्रीन चमक रही है।)चश्मे से कौशिक सबकुछ साफ़ दिखाई दे रहा था…पर उसकी अपनी दुनिया धुंधली हो रही थी।(वो सिर पकड़ लेता है।)कौशिक (कराहते हुए) बोला - सिर फट रहा है…(वो चश्मा उतार देता है।)(कुर्सी… खाली।)(केबिन का दरवाज़ा खुलता है।)राघव (अंदर आते हुए) बोला - Good