त्रिशा... - 29

बहुत समय तक राजन का इंतजार कर कर के थक चुकी त्रिशा ने प्लेट में रखी पूड़ी सब्जी खानी शुरु कि क्योंकि भूख अब उसकी बर्दास्त के बाहर थी। जिसके बाद उसने भर पेट खाना खाया और अपने खाने से पहले ही उसने राजन का खाना निकल कर अलग रख दिया क्योंकि मां ने कहा था पाई को अपना झूठा ना देना। खैर भर पेट खाना खाने के बाद त्रिशा को कुछ आराम मिला और फिर चैन से वह अपनी थाली एक जगह रखने के बाद बैठ कर राजन का इंतजार करने‌‌ लगी।  इंतजार करते करते त्रिशा की नजर फिर एक