महीनों से त्रिशा के घर में जिस शादी की तैयारियां चल रही थी आखिरकार वह शादी पूरे रस्मों और रीती रिवाजों के साथ बड़ी ही धूमधाम से संपन्न हो ही गई। सारे कार्यक्रम बड़े अच्छे से संपन्न हो गए और साथ ही भारी मन और नम आंखों से त्रिशा की विदाई भी हो गई। विदाई के भावुक पलों में सभी ने एक दूसरे को धीरज दिया और त्रिशा को धीरज के साथ बहुत सारी हिम्मत भी दी। साथ ही उसे यह आश्वासन भी दिया कि भले ही वो इस घर से विदा होकर जा रही हो पर कभी इस