बुआ की शादीकुंती -मां सुबह जल्दी उठा देना कॉलेज जाना है। बच्चों की किलकारी कभी सोती बुआ को मुट्ठी बना बाल को नोचना कभी नन्हे नन्हे हाथों से थपथपाना मीठी मुस्कान के साथ हुआ उठ जाती है।शीला:रात को जल्दी उठा देना वह कहकर सोई थी। फिर देर कर दी उठने में बस निकल जाएगी जल्दी कॉलेज को तैयार हो जाबेटी क्लास मे: अरे देख इस लड़क को सर की तरफ कम तेरी तरफ ज्यादा देख रहा है। देखने दे आते जाते जाने कितने मिलते हैं। भेजी तो रहा है कहने की हिम्मत करेगा तो ऐसा पटा लूंगी देखने की क्या