असली सच

---असली सच लेखक: विजय शर्मा एरी---प्रस्तावनाजीवन के मंच पर जो दिखाई देता है, वह अक्सर सच नहीं होता। असली कहानी तो पर्दे के पीछे छिपी होती है। यह कहानी एक नाट्य-मंडली, उसके कलाकारों और उनके जीवन के रहस्यों की है—जहाँ मंच पर हँसी और तालियाँ गूंजती हैं, लेकिन पर्दे के पीछे आँसू, संघर्ष और सच्चाई छिपी होती है।  ---पहला दृश्य: रंगमंच की चमकदिल्ली के एक पुराने थिएटर में हर शाम नाटक होता था। दर्शक तालियों से गूँज उठते, कलाकार झुककर अभिवादन करते।  मुख्य कलाकार आरव था—युवा, प्रतिभाशाली और दर्शकों का चहेता। मंच पर उसकी अदाकारी सबको मंत्रमुग्ध कर देती। लेकिन पर्दे के पीछे