पुरानी हेवेली का प्रेम

पुरानी हवेली का प्रेम: एक अधूरी दास्तानपहाड़ों की तलहटी में बसी वह पुरानी हवेली सालों से वीरान पड़ी थी। लोग कहते थे कि उस हवेली की दीवारों में दर्द और चीखें दफन हैं। शहर की भागदौड़ से दूर, राहुल ने जब उस हवेली को खरीदा, तो उसे लगा कि यहाँ उसे शांति मिलेगी। लेकिन उसे क्या पता था कि वह शांति केवल एक तूफान के आने की आहट थी।रात का वह रहस्यमयी संगीतपहली ही रात से राहुल को कुछ अजीब महसूस होने लगा। जैसे ही रात का सन्नाटा गहराता, हवेली की ऊपरी मंजिल से एक मीठी और सुरीली आवाज गूंजने