शांति प्रस्ताव से पहले द्रोपदी और श्री कृष्ण संवाद

शांति प्रस्ताव से पहले द्रौपदी और श्रीकृष्ण संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)उपप्लव्य नगरी में पांडवों का शिविर लगा हुआ था। वनवास और अज्ञातवास की कठिन परीक्षाओं के बाद अब समय आ गया था कि पांडव अपने अधिकार की पुनः प्राप्ति के लिए कोई निर्णय लें। युद्ध की आशंका वातावरण में तैर रही थी। उसी समय श्रीकृष्ण वहाँ पधारे थे, ताकि हस्तिनापुर जाकर शांति प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकें।रात्रि का समय था। चंद्रमा की शीतल चाँदनी धरती पर बिखरी हुई थी, परंतु द्रौपदी के हृदय में शांति नहीं थी। उसके नेत्रों में अपमान की ज्वाला अभी भी धधक रही थी। वह