अन्तर्निहित - 32

[32]“विभाजन के साथ ही प्रारंभ हुआ स्थानांतरण। लाखों लाखों लोग अपने स्थायी स्थान को छोड़कर अच्छे और सुरक्षित भविष्य के सपने साथ लिए चल पड़े दूसरे देश में जाने को। भारत से पाकिस्तान, तो पाकिस्तान से भारत जाने वाले लोगों का समुद्र सीमाओं पर लहराने लगा। भारत से पाकिस्तान आनेवाले सभी सुरक्षित और सकुशल आ गए किन्तु पकिस्तान से चलनेवाले लाखों लाखों व्यक्तियों में से केवल कुछ हजार ही भारत पहुँच सके। बाकी सभी ने अपने प्राण सीमाओं को पार करने से पूर्व ही गंवां दिए। जो भारत पहुँच सके थे उनमें से भी अधिकतर क्षत विक्षत थे। कोई कुशल नहीं