अध्याय 26: संकल्प की वापसीपहाड़ियों की उन ऊँचाइयों पर जहाँ हवा भी जम जाती है, वहां सिर्फ एक चीज़ जीवित थी—कैसियन का दर्द। उसकी चीखें, जो कुछ देर पहले तक चट्टानों से टकराकर वापस आ रही थीं, अब एक भारी सन्नाटे में बदल चुकी थीं। इज़ोल्ड के पीले पड़ चुके चेहरे पर अपनी उंगलियाँ फेरते हुए कैसियन को लगा जैसे उसका अपना जीवन रुक गया हो। लेकिन तभी उसके भीतर कुछ टूटा... या शायद कुछ नया जुड़ा।"एक प्रेमी हार सकता है, इज़ोल्ड... लेकिन एक सम्राट नहीं," उसने फुसफुसाते हुए कहा। उसकी आवाज़ में अब विलाप नहीं, बल्कि एक ठंडी और