श्री कृष्ण-अर्जुन-दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना मांगने का प्रसंग

नचे श्रीकृष्ण–अर्जुन–दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना माँगने का प्रसंग**श्रीकृष्ण, अर्जुन और दुर्योधन का संवाद(नारायणी सेना का प्रसंग)**द्वारका की प्रातःकालीन वेला थी। समुद्र की लहरें जैसे किसी अनहोनी की सूचना दे रही थीं। कुरुक्षेत्र के युद्ध का समय निकट आ चुका था। पांडव और कौरव—दोनों ही अपने-अपने पक्ष को सुदृढ़ करने में लगे थे। इसी उद्देश्य से अर्जुन और दुर्योधन, दोनों ही श्रीकृष्ण से सहायता माँगने द्वारका पहुँचे।द्वारका में प्रवेश करते ही दोनों के मन में अलग-अलग भावनाएँ थीं।अर्जुन के हृदय में विश्वास था—“कृष्ण जहाँ हैं, वहाँ विजय निश्चित है।”दुर्योधन के मन में लोभ था—“कृष्ण की नारायणी सेना यदि मुझे