दो पतियों की लाडली पत्नी - 3

आधी रात का डररात के 12 बजे। कमरा शांत। हल्की–सी हवा परदे हिला रही है।तीनों गहरी नींद में हैं।अचानक — बाहर से कुत्ते के जोर-जोर से भौंकने की आवाज़ — “भौं! भूँ!!”श्रेया की आँख फट से खुल जाती है। वो खिड़की के बिलकुल पास सो रही है। डर से सीधी उठकर बैठ जाती है।श्रेया (घबराई हुई, तेज सांसें लेते हुए) बोली - बाबा रे… कोई आया… कोई जरूर आया…।उसकी आवाज़ सुनकर करन और कबीर दोनों अचानक उठ जाते हैं।कबीर (नींद में बाल उड़ाते हुए) बोला - क्या? क्या हुआ? कोई चोर आया क्या? या बम फट गया?करन बोला - Shreya… तुम ठीक हो?श्रेया