नया हिंदी गीत: “संसार एक ठिकाना” मुखड़ा (कोरस):संसार एक ठिकाना है, पल भर का ये साथ,आज हँसी की धूप है, कल आँसुओं की रात।खाली हाथ हम आए थे, खाली हाथ ही जाना,साँसों की इस भीड़ में, सच बस यही पहचाना।अंतरा 1:रेत पे सपने लिखते हैं, मिट जाते हैं हर बार,वक़्त की एक लहर काफी, ढा दे सारा संसार।आज जो अपने लगते हैं, कल यादों में ढल जाएँ,जन्म और मृत्यु के बीच, कुछ पल ही रह जाएँ।मुखड़ा (दोहराव):संसार एक ठिकाना है, पल भर का ये साथ,आज हँसी की धूप है, कल आँसुओं की रात।अंतरा 2:धन-दौलत और ये शोहरत, यहीं छूट