रेखा की नजर माहिरा की कलाई पर जमी रह गई. वो निशान अब साफ दिख रहा था—त्रिशूल जैसा चिन्ह, जिसके बीच हल्की- सी लाल आभा थी, मानो त्वचा के भीतर से चमक रही हो.रेखा बुदबुदाई,ये. ये तो बिल्कुल माँ भैरवी के चिन्ह जैसा है. लेकिन मेरी बेटी के हाथ पर ये कैसे?डॉक्टर और नर्स भी पास आ गए. डॉक्टर ने ध्यान से देखा, फिर धीरे से बोले,मैडम. मेडिकल साइंस में ऐसा कोई निशान नहीं होता. ये न इंजेक्शन का है, न किसी चोट का।उसी पल माहिरा ने धीमी आवाज में कहा,माँ.रेखा घबराकर झुक गई.हाँ बेटा, मैं यहीं हूँ।माहिरा की आँखें