इस घर में प्यार मना है - 6

आधी रात हो चुकी थी। पूरा घर गहरी नींद में था।सन्नाटा इतना गहरा कि कार्तिक के कदमों की आहट उसे खुद ही चुभ रही थी। उसके हाथ में एक पुरानी लोहे की रॉड थी। दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। वो उसी घर के पीछे की तरफ बढ़ा… जहाँ वो अंधेरा कमरा था।कार्तिक ने चारों ओर देखा। सब सो रहे थे।उसने ताले पर रॉड मारी—कड़क!एक बार। फिर दूसरी बार।क्लिक!ताला टूट गया। दरवाज़ा खुलते ही सीलन और बदबू का झोंका आया। कार्तिक का दिल और बैठ गया।कमरे के कोने में संस्कृति सिकुड़ी हुई पड़ी थी।चेहरा पसीने से भीगा, होंठ नीले पड़ते