श्रापित एक प्रेम कहानी - 37

गुना एकांश और आलोक के लिए प्लेट लगा देता है और कहता है--- यार ये लड़की कोई अप्सरा है क्या , इतनी सुंदर लड़की मेंने आज तक नहीं देखा। तभी एकांश गुना के कान में धीरे से कहता है--->" गुना हमें यहां से जल्दी दुकान बंद करके निकलना होगा। गुना पुछता है--->" पर क्यू भाई। इतनी अच्छी दुकान चल रही है हमारी। एकांश कहता है--->" बात को समझो गुना यहा खतरा है। मैं तुम्हें बाद में बताऊंगा पहले जल्दी निकलो यहां से। गुना एकांश से कहता है--->" तुझे हो क्या गया है यार कैसी बात कर रहा है तू। एकांश इंद्रजीत से कहता है--->" पापा अब घर