सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. - 3

एपिसोड 3 : शक्ति का प्रदर्शन और ब्लैकमेल का दाँवअभिमान का जुनून, अब अधिकार और क्रूरता में बदल चुका है। अन्वेषा की ईमानदारी को ही उसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी बना दिया जाता है।​(शुरुआत: अन्वेषा का दफ़्तर, अगली सुबह 9:30 बजे)​अन्वेषा पट्टनायक रात भर ठीक से सो नहीं पाई थी। अभिमान राठौड़ की धमकी उसके कानों में गूंज रही थी: "आपका ईमानदार करियर और आपका शांत जीवन... दोनों हमेशा के लिए ख़त्म हो जाएंगे।"​वह अपनी मेज पर बैठी थी। आज उसने ऑफिस के लिए एक सफ़ेद और लाल बॉर्डर वाली साधारण ओडिया साड़ी पहनी थी, जो उसकी अटूटता को दिखा रही