उर्मी एक गरीब घर की लड़की थी। पर वह बहुत होनहार और होशियार थी। उसके पिता बहुत बीमार रहते थे। उनकी चिकित्सा करवानी थी। पैसों की तंगी की वजह से यह बस एक सपना बन कर रह गया था। उसकी माँ जमींदार के घर काम करती थी और अपने घर का खर्च चलाती थी। उर्मी की माँ ने उसे बताया था, कि जमींदार ने उनका घर हथिया लिया था। जिसकी वजह से वे बेघर हो गए थे। बहुत परिश्रम करने के बाद उन्होंने दोबारा घर बनाया था। जमींदार बहुत क्रूर थे। घर का खर्च चलाना मुश्किल था, इसलिए उर्मी भी