बारिश की वो शाम प्यार कि एक भीगी सुरुआत

बारिश की वो शामदिल्ली की गर्मियों में बारिश का मौसम आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। सड़कें चमकने लगती हैं, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू फैल जाती है, और लोग छाते थामे भागते फिरते हैं। रिया भी वैसी ही एक शाम थी। कॉलेज की लाइब्रेरी से निकलकर वह बस स्टॉप की ओर दौड़ रही थी। उसके बाल भीग चुके थे, बैग पर पानी की बूंदें टपक रही थीं। "अरे यार, बस चली गई!" वह बुदबुदाई।तभी एक स्कूटी सड़क किनारे रुकी। स्कूटर पर बैठा लड़का हेलमेट उतारकर मुस्कुराया। "बारिश में भीग रही हो? लिफ्ट चाहिए?"