डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 6

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ माँऑफिस से लौटकर जैसे ही वह घर पहुँचा, पत्नी बोलीं, "सुनिए जी, आपके पास किसी स्नेक रेस्क्यू वाले या सपेरे का फोन नंबर हो, तो बुला लीजिए। घर के पीछे रखे गमलों के पास एक साँप है।""साँप... ? हमारे घर में ? कब... तुमने मुझे बताया नहीं...?" आश्चर्य से उसने पूछा।"हाँ, अभी थोड़ी देर पहले ही मैंने देखा। मुझे लगा, 15-20 मिनट में तो आप घर पहुँच ही जाएँगे। फोन पर बताती, तो आप भी हड़बड़ा जाते, सो मैंने साँप को एक पुरानी बाँस की टोकरी में ढक कर उसके ऊपर बड़ा-सा पत्थर रख दिया