इश्क. - 17

सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में  है ,रविवार के दिन सिम्मी मां के  घरेलु काम में हाथ बटा  रही है।सिम्मी के पिता जी अपने गरीबी को ले कर  चिंचित रहते हैं।वह चपरासी के बेटे को अपना दामाद बनाने में लगे है और सिम्मी की शादी कर उनके हाथ पीले कर देना चाहता है । वह सोचता है आज कल का समय और परिवेश बहुत तेजी से बदल रहा है।और वह यह भी मन ही मन सोचने लगता है मेरी इकलौती