दहेज बिना शादी नहीं

दहेज  बिना शादी  नहींलेखक: विजय शर्मा एरीशहर के पुराने मोहल्ले की तंग गलियों में बसा हुआ था शेखर का घर। बाहर से साधारण, पर भीतर संस्कारों और संघर्षों से भरा। शेखर एक सरकारी स्कूल में हिंदी का अध्यापक था—ईमानदार, सादा जीवन जीने वाला, और अपने सिद्धांतों से कभी समझौता न करने वाला इंसान। उसकी पत्नी सुनीता गृहिणी थी, जिसने जीवन को हमेशा रिश्तों की गरिमा से आँका था। उनकी एक ही बेटी थी—अनन्या।अनन्या पढ़ाई में तेज़, स्वभाव में विनम्र और विचारों में स्वतंत्र थी। उसने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर किया था और एक एनजीओ में काम करती थी, जहाँ वह बालिका