अध्याय 9: शर्मा अंकल का रहस्यएक शुक्रवार की शाम, तारा work से थकी-हारी घर लौट रही थी। building की सीढ़ियाँ चढ़ते हुए उसने देखा कि शर्मा अंकल अपने flat के बाहर खड़े थे, phone पर किसी से बात कर रहे थे।तारा को उस दिन की बात याद आई जब उसने पहली बार शर्मा अंकल के विचार सुने थे - "कल रात वाला काम पूरा करना होगा... किसी को पता नहीं चलना चाहिए।"उसने हिम्मत करके उनकी ओर ध्यान से देखा।"हाँ, सब arrange हो गया है। रात में दस बजे। कोई देखेगा नहीं। बस thoda careful रहना होगा।"तारा का दिल डूब गया।