एकतरफा प्यार

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के नीचे खड़े होने वाले व्यक्ति को भींगा देने के लिए काफी था। धरती पर हल्के गड्डे वाली जमीन पर काफी पानी जहाँ-तहाँ जमा हो गया था, करीब घुटने भर, जिसमें कुछ बच्चे उछल-कुद कर रहे थे और छपाक छपाक की आवाज बच्चों का मनोरंजन कर रही थी। कोई बच्चा कागज की नाव से खेल रहा था तो कोई