आजादी - 1

अपनी नजर से दुनिया सभी लोग देखते है। मगर में आप को जहा तक संभव हो वहा तक सबकी नजरों से दुनियां दिखाना चाहता हूं। सभी अपने भले के अनुसार सोचते है, की ये सही रहेगा। इसी को लेकर में सब को बताना चाहता हूं की बच्चे मां पापा से क्या उम्मीद रखते है कैसे सोचते है।  और मां पापा बच्चो के लिए कैसे सोचते है। इस कहानी का सीधा-सीधा उद्देश्य यही है। मां पापा बच्चों की नजरों से दुनियां को देखने की कोशिश करें और बच्चे मां पापा की तरह। इससे आप को छोटी मोटी बातो को समझने में