उठ री जागृति

उठ री जागृति ’’ उठ री जागृति, अपने नाम को सार्थक कर, हिम्मत न हार, कई लड़कियों की उम्मीद है तुमसे। ’’ यह वाक्य नींद में सोयी किसी लड़की को उठाने के लिए नहीं हो रहे हैं बल्कि उस लड़की को जगाने के लिए हो रहे हैं जो कि अपना आत्मविश्वास खो चुकी है, उसके रोम-रोम ने अपनी हार को स्वीकार कर ली है। उसकी सोई हुई चेतना को जगाने के लिए यह प्रयास हो रहे हैं।रामकृपासल जी की बेटी जागृति, बचपन से ही और लड़कियों की तरह बड़ी ही नटखट थी। उसकी शरारतें ऐसी बिल्कूल भी नहीं थी कि