वो सफर (एक प्रेरणादायक हिन्दी कहानी)लेखक: विजय शर्मा Erryरेलवे स्टेशन केवल ईंट, सीमेंट और लोहे की पटरियों का नाम नहीं होता, वह असल में उम्मीदों का चौराहा होता है। जहाँ कोई सपनों के साथ चढ़ता है, कोई टूटे हुए मन के साथ उतरता है, और कोई अपनी किस्मत बदलने का साहस लेकर आगे बढ़ता है।आज प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर खड़ी ट्रेन भी कुछ ऐसी ही कहानियों को समेटे खड़ी थी।अनिरुद्ध उसी प्लेटफॉर्म पर खड़ा था—एक साधारण-सा युवक, साधारण कपड़े, पर असाधारण बेचैनी। हाथ में छोटा-सा बैग और दिल में बड़ा-सा डर। छोटे कस्बे में पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी न