वर्शाली को देखकर एकांश कहता है-->" वर्शाली तुम यहां ? वर्शाली एकांश से कहती है---->" हाँ जी मैं यहां आपके लिए आई हूँ। एकांश जी आप वहां मेला में मत जाओ। वहां पर खतरा है। एकांश कहता है--->" तुम्हे ये सब कैसे पता , और हां वर्शाली मुझे पता है। वर्शाली कहती है---->" ये जानते हुए भी के कुंम्भन मुक्त हो चुका है और वो अब सबको मारने लगा है। तब भी आप वहाँ जाना चाहते हो और कुम्भन अब वो शांत नहीं होगा। क्योंकी राजनगर का रक्षा कवच अब नहीं रहा इसीलिए वो राजनगर के सभी मनुष्य को मारने लगा है और