शांति और तर्क करदाता, सरकार और सम्मान

 भूमिकायह लेख किसी सरकार, शासन-तंत्र या राजनेताओं के विरुद्ध नहीं है।यह किसी संस्था को कमजोर करने या अविश्वास फैलाने का प्रयास भी नहीं करता।यह लेख कर अदा करने वाले नागरिकों की जागृति के लिए है।ताकि वे यह समझ सकें कि लोकतंत्र में उनका योगदान केवल आर्थिक नहीं,बल्कि वैचारिक और नैतिक भी है।यह एक विरोध नहीं, एक विमर्श है।इसका उद्देश्य टकराव नहीं,बल्कि संतुलन, उत्तरदायित्व और संवाद को बढ़ाना है।यह लेख इस विश्वास पर लिखा गया है किजब करदाता सजग होता है,तो शासन अधिक उत्तरदायी,और लोकतंत्र अधिक स्वस्थ होता है।शांति और तर्क — करदाता, सरकार और सम्मानयह लेख किसी वर्ग के पक्ष