एक गलतीलेखक: विजय शर्मा एरीकहते हैं, इंसान की ज़िंदगी में सबसे महँगी चीज़ उसकी एक छोटी-सी गलती होती है। वही गलती, जो पल भर में होती है, लेकिन उसके साए में पूरी उम्र कट जाती है।रमेश वर्मा एक साधारण-सा आदमी था। न बहुत अमीर, न बहुत गरीब। शहर के एक सरकारी दफ्तर में क्लर्क की नौकरी करता था। सुबह समय पर दफ्तर जाना, शाम को समय पर घर लौट आना—यही उसकी ज़िंदगी की दिनचर्या थी। उसकी पत्नी सुमन एक समझदार और संस्कारी महिला थी। उनका एक बेटा था—आदित्य, जो आठवीं कक्षा में पढ़ता था और पढ़ाई में होशियार था।रमेश को