कन्यादान

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दिल्ली की एक छोटी सी कॉलोनी में, जनवरी का महीना था। ठंडी हवा चल रही थी, और घरों में हीटर चल रहे थे। शर्मा जी का घर हमेशा की तरह हलचल भरा था। उनकी बेटी नेहा की शादी की बात चल रही थी। नेहा 28 साल की थी, एक अच्छी एमएनसी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर। पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर। घर में वो सबसे छोटी थी, लेकिन सबसे समझदार।शर्मा जी रिटायर्ड बैंक मैनेजर थे। उनकी पत्नी रीता जी स्कूल टीचर रही थीं, अब घर संभालती थीं। बड़ा बेटा राहुल मुंबई में सेटल था, अपनी फैमिली के साथ। अब घर में सिर्फ नेहा की शादी