श्रापित एक प्रेम कहानी - 30

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एकांश को वर्शाली की याद आती है। वो सौच रहा होता है---" कास में यह वर्षाली को ला पता तो चल जाता के चलचित्र क्या होता है। एकांश इतना सौच ही रहा था कि तभी उसे वहां अपनी राइट साइड की सीट पर जो खाली थी वहां पर किसी लड़की के होने का एहसास होता है।एकांश धीरे से अपनी राइट साइड में देखता है तो वो हैरान हो जाता है। तो वहां और कोई नहीं बल्की वर्शाली थी। एकांश वर्षाली को देखकर एकदम हैरान रह जाता है। वर्शाली एकांश को देख कर हल्की मुस्कान देती है। एकांश वर्शाली को देख कर