अन्तर्निहित - 28

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[28]“तो अब आप पदयात्रा पर जाना चाहते हो श्रीमान शैल?” अधिकारी ने व्यंग रचा। शैल ने उस व्यंग को समझा, मौन रहा। “और साथ में उस पाकिस्तानी लड़की को भी ले जाना चाहते हो?” “वह कोई लड़की नहीं है। इंस्पेक्टर सारा उलफ़त नाम है उनका।” शैल के प्रत्युत्तर से अधिकारी लज्जित हो गया। “हाँ, वही।” अधिकारी ने स्वयं को संभाला, “और उस मृत अनामी लड़की को अपनी तरफ से एक नाम देना चाहते हो।”“हमारे यहाँ मृत व्यक्ति को स्वर्गस्थ कहा करते हैं, महाशय।” शैल ने अधिकारी को पुन: विचलित कर दिया। “क्या नाम देना है उस स्वर्गस्थ को?”“मीरा।”“और कितने दिनों तक चलेगी आप दोनों