शीर्षक: अजीब खिलौना — एक रहस्यमयी हिंदी कहानीलेखक: विजय शर्मा एरी---छोटा-सा कस्बा था—धूपपुर। नाम के उलट, यहाँ शामें जल्दी उतर आती थीं और गलियों में अजीब-सी ख़ामोशी पसरी रहती थी। धूपपुर की सबसे पुरानी गली के आख़िरी मोड़ पर एक जर्जर-सी दुकान थी—“मोहन टॉय स्टोर”। इस दुकान की खिड़की पर टँगे खिलौने देखने में साधारण लगते, पर कस्बे के बच्चे कहते थे कि रात में वे आपस में फुसफुसाते हैं।दस साल का अंश नए शहर से आया था। पिता का तबादला हुआ था, और माँ की मुस्कान के पीछे छुपी उदासी अंश साफ़ पढ़ लेता था। स्कूल में दोस्त बनने में