स्टेशन पर बहन ने मुझे अकेले पाया तो एकाएक उस का चेहरा बदल- बदल गया। भेद- भरे स्वर में बोली, “तुम से एक ज़रूरी बात कहनी है…..” “पहले स्टेशन की भीड़ से निपट लो,” जानबूझ कर मैं अपने स्वर में गहरी खीझ का पुट ले आया। “अपने विवाह से मैं खुश नहीं हूं,” प्लेटफॉर्म पार कर जब हम बाहर पोर्टिको में आए तो बहन ने मुझे फिर घेर लेना चाहा, “उधर